हम में से अधिकांश लोग सीधा, सरल और सुखद जीवन चाहते हैं। बचपन में अपने दादा-दादी या नाना-नानी से हम ऐसी कहानियाँ सुनते हैं, जिनका अंत सुखद होता है। हम जब बड़े हो जाते हैं और जैसे ही जीवन की वास्तविक परिस्थितियों का सामना करते हैं, तब हमें एहसास होता है कि सबकुछ इतना आसान नहीं है। तनाव, चिंता, अनिद्रा, भावनात्मक उथल-पुथल और आत्म-अनुशासन की कमियाँ हमारे जीवन को अपने वश में करने लगती हैं। इन सारी चीजों के बीच हमें खुशी कैसे मिले? यह पुस्तक हमें इस नैराश्य से उबारती है और हमें फिर से अपने स्वाभाविक रूप में ले आती है। यह खुशी-खुशी और खेल-खेल में उस अतिरिक्त बोझ से हमें मुक्त कर देती है जिसे संभवतः हमने जीवन के प्रति अपने दृष्टिकोण को बदलते हुए अपने ऊपर डाल लिया था। यह व्यावहारिक रूप से आपको कदम-दर-क